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Friday, September 9, 2022

कोटि कोटि आभार

कोटि कोटि आभार,
हे माधव, कोटि कोटि आभार,
मानव जाति को दे दिया तुमने
गीता का उपहार। 
                        कोटि कोटि आभार  

कौन हूँ मैं? क्या उद्देश्य है मेरा?
कौन है करता ये, साँझ सवेरा?
कौन छेड़ता जीवन रूपी 
साँसों की झंकार?
                    कोटि कोटि आभार

कौन है लेता जन्म यहाँ पर?
कौन है करता, कर्म यहाँ पर?
क्यों लेते हैं भिन्न भिन्न रूप मे,
परमेश्वर अवतार?
                    कोटि कोटि आभार

मोक्ष है क्या और मुक्ति है क्या?
विश्वरूप परमेश्वर की भक्ति है क्या?
परमधाम पर तुम्हारे पभू?
है किसका अधिकार?
                    कोटि कोटि आभार

और भी थे जो प्रश्न हमारे,
दे दिए तुमने उत्तर सारे,
मानव जाति को राह बताने 
और हमारे कष्ट मिटाने,
हम भक्तों को दे दिया तुमने,
गीता का सार
                    कोटि कोटि आभार

गीता के माध्यम से तुमने, 
जीवन कला सिखाई,
परमात्मा की भव्य सत्यता, 
तुमने ही है हमे बताई। 
और बता दिया है प्रभु जी, 
कौन है इस जगत का आधार। 
                कोटि कोटि आभार


Monday, September 5, 2022

शिक्षक दिवस


करता हूँ नमन उस माँ को, 

गिरकर -उठना 

जिसने है सिखाया। 


करता हूँ नमन उस पिता को,

औरों के लिए  जीना 

जिसने है बताया। 


करता हूँ नमन उन शिक्षक को, 

ज्ञान ज्योत को 

जिसने है जगाया। 


करता हूँ नमन उन मित्रों को, 

जीत की खातिर लढना 

जिसने है सिखाया।

Thursday, August 25, 2022

नेकी

नेकी का सलीका, कोई सीखे इन रास्तों से, 

मंजिलों तक पहुँचाते हैं, फिर भी अहसान नहीं जताते। 

Monday, August 15, 2022

आओ लहराएं हर घर तिरंगा









तुम भी आओ हम भी आएं

आजादी का पर्व मनाएं
हो फिज़ा कुछ ऐसी जिसमे
हर मन हो जाए चंगा
देशभक्ति की ज्योति जगाने
आओ लहराएं हर घर तिरंगा

मंदिर झूमे, मस्जिद झूमे
गिरजाघर और गुरुद्वारे भी झूमे
मदमस्त धुन में लहराकर
गगन हो जाए कुछ रंग बिरंगा
देश भक्ति की ज्योति जगाने
आओ लहराएं हर घर तिरंगा

हर जन झूमे हर जन गाए
मातृभूमि को शीष नवाएं
हर दिल को पवन कर जाए
ऐसी आज बह जाए गंगा
देश भक्ति की ज्योति जगाने
आओ लहराएं हर घर तिरंगा

एकता के सूत्र में रहकर
दिखलाना है देशप्रेम की शक्ति,
गलती से भी कमजोर समझ
कोई हमसे न ले जाए पंगा
देश भक्ति की ज्योति जगाने
आओ लहराएं हर घर तिरंगा