अल्फ़ाज़ों में बयां होते हैं, कभी खुशी तो कभी ग़म, इन्हें रचनाओं में पिरोती, मेरी "गुनगुनाती कलम"
Friday, September 9, 2022
कोटि कोटि आभार
Monday, September 5, 2022
शिक्षक दिवस
करता हूँ नमन उस माँ को,
गिरकर -उठना
जिसने है सिखाया।
करता हूँ नमन उस पिता को,
औरों के लिए जीना
जिसने है बताया।
करता हूँ नमन उन शिक्षक को,
ज्ञान ज्योत को
जिसने है जगाया।
करता हूँ नमन उन मित्रों को,
जीत की खातिर लढना
जिसने है सिखाया।
Thursday, August 25, 2022
Monday, August 15, 2022
आओ लहराएं हर घर तिरंगा
तुम भी आओ हम भी आएं
आजादी का
पर्व मनाएं
हो फिज़ा कुछ ऐसी जिसमे
हर मन हो जाए चंगा
देशभक्ति की ज्योति जगाने
आओ लहराएं हर घर तिरंगा
मंदिर झूमे, मस्जिद झूमे
गिरजाघर और गुरुद्वारे भी झूमे
मदमस्त धुन में लहराकर
गगन हो जाए कुछ रंग बिरंगा
देश भक्ति की ज्योति जगाने
आओ लहराएं हर घर तिरंगा
हर जन झूमे हर जन गाए
मातृभूमि को शीष नवाएं
हर दिल को पवन कर जाए
ऐसी आज बह जाए गंगा
देश भक्ति की ज्योति जगाने
आओ लहराएं हर घर तिरंगा
एकता के सूत्र में रहकर
दिखलाना है देशप्रेम की शक्ति,
गलती से भी कमजोर समझ
कोई हमसे न ले जाए पंगा
देश भक्ति की ज्योति जगाने
आओ लहराएं हर घर तिरंगा

