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Saturday, January 17, 2015

मुड़के देखना...

जब मिलता है हौसला,
आगे बढ़ने का, 
मुड़के पीछे देखना, 
तब बुरा नहीं होता ।

जब आगे होता है रोमांच,
तो पीछे, अनुभव 
जो देता, बेहतरी कोशशों को, 
और नहीं दुहराता ग़लतियाँ।

जब आगे होता है वीरान,
तो पीछे, लोगों की होड़
जो रखती, तुमे आगे 
और लक्ष्य के करीब।

जब आगे होती है मायूसी, 
तो पीछे, जज्बा
जो देता, ताकत चलने की,
और प्रेरणा, नहीं दम भरने की।

जब आगे होता है मायाजाल, 
तो पीछे, आशीष माँ बाप का,
जो नहीं भटकने देता,
और करता दृढ़ इरादों को।

जब आगे होता है भटकाव, 
तो पीछे, उम्मीदें
जो देती हैं अनुशासन,
और मन पर नियंत्रण।

जब आगे होता है लड़कपन,
तो पीछे, जिम्मेदारियां,
जो देती हैं  मर्यादा,
और रखती तुम्हे इंसान।

Thursday, January 15, 2015

दो पहलु जिंदगी के....

दो  पहलु जिंदगी के, 
एक के भरोसे कभी होना नहीं , 
डूबने का मतलब नहीं कि, 
उदय तुम्हे फिर कभी होना नहीं ... 

क्योंकि...

डूबता है रोज़, वैसे तो सूरज भी,
चमक उसकी मगर कम होती नहीं , 
और, लाख चमकें तारे गगन में, 
सूरज बिना मगर सुबह होती नहीं.... 


do pehlu zindgi ke,
ek ke bharose kabhi hona nahi,
dubne ka matlab nahi ki,
uday tumhe phir kabhi hona nahi,

kyonki,

dubta hai roz, waise to suraj bhi,
chamak uski magar, kam hoti nahi,
aur, lakh chamke tare gagan me,
suraj bina magar, subah hoti nahi…. 

Monday, January 12, 2015

चमक...

चमक हीरों की भी, फीकी पड़ जाती है, 

हर एक बूंद फिसलती है जब, उसकी ज़ुल्फों से !


chamak heeron ki bhi, feeki pad jati hai,

har ek bund fisalti hai jab, uski zulfon se !

Friday, January 9, 2015

शिकवा...

चंद दिन ही हुए अभी, दर से उनके गुज़रे,

वो ऐसे भूले हमें , मिले जैसे कभी नहीं !! 

chand din hi hue abhi, dar se unke gujre,

wo aise bhule hume, mile jaise kabhi nahi !!