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Sunday, February 10, 2013

तेरा साथ... (WITH YOU)



जब जब, रातों ने है डराया,
और रुलाया, ख्वाबों ने,
तब तब, तेरे साथ है पाया,
और हाथ तेरा, इन हाथो में...

जब जब, कोई दर्द है पाया,
और जख्म दिया, इन साथों ने,
तब तब, तेरे साथ है पाया,
और हाथ तेरा, इन हाथो में...

जब जब कोई, हुआ पराया,
और भुलाया, नातों ने,
तब तब, तेरे साथ है पाया,
और हाथ तेरा, इन हाथो में...

नहीं है कोई, शिकवा गिला अब,
इन दोनों, कायनातों से,
जब साथ है तू, और साथ है मेरे,
उठती दुआएं, तेरे हाथों से..  

नज़रिया....



वो कहतें हैं अक्सर,
ये ज़िन्दगी, ग़मों से भरी पड़ी हैं,
हर गली, हर मोड़ पे,
एक नई मुश्किल खड़ी है....

हमने कहा, चलो आज हम,
तुम्हारे ग़म गिनते हैं,
हर एक ख़ुशी के बाद,
एक ग़म को चुनते हैं...

कुछ लम्हे थे बीते,
न रह सका वो, कुछ बोले बिना,
रह गयीं थी सिर्फ खुशियाँ,
जिसको कभी नहीं, था उसने गिना..

फिर बोला को, क्यूँ हम?
इस अंधी राह पे चलते हैं,
होते नहीं खुश, अपनी ख़ुशी पे,
औरों की ख़ुशी पे, हम जलते हैं...

हमने कहा, क्या बताऊँ यार तुम्हे,
हर बार यही क्यूँ होता है,
जो है मिला वो कुछ भी नहीं,
“थोड़ा सा और” यही सोच दिल रोता है...

हमने भी कहा आखिर,
कुछ नहीं, ये तो दुनिया का दस्तूर है,
फूलों के साथ, गुलशन में,
होना कुछ काँटों का भी, जरूर है !!

Saturday, February 9, 2013

सहारे...


कैसे करे उम्मीद कोई, इन सहारों से, 


कन्धों की तलाश में हरदम, जो खुद भटकते रहते हैं !!

Sunday, January 13, 2013

क़र्ज़...



उम्मीद नहीं करते, इस जिंदगी से कोई अब, 

जीतें हैं सिर्फ इसलिए, कि कोई क़र्ज़ चूका दें हम !!