जब जब, रातों ने है डराया, और रुलाया, ख्वाबों ने, तब तब, तेरे साथ है पाया, और हाथ तेरा, इन हाथो में...
जब जब, कोई दर्द है पाया, और जख्म दिया, इन साथों ने, तब तब, तेरे साथ है पाया, और हाथ तेरा, इन हाथो में...
जब जब कोई, हुआ पराया, और भुलाया, नातों ने, तब तब, तेरे साथ है पाया, और हाथ तेरा, इन हाथो में...
नहीं है कोई, शिकवा गिला अब, इन दोनों, कायनातों से, जब साथ है तू, और साथ है मेरे, उठती दुआएं, तेरे हाथों से..
जब जब, रातों ने है डराया,
और रुलाया, ख्वाबों ने,
तब तब, तेरे साथ है पाया,
और हाथ तेरा, इन हाथो में...
जब जब, कोई दर्द है पाया,
और जख्म दिया, इन साथों ने,
तब तब, तेरे साथ है पाया,
और हाथ तेरा, इन हाथो में...
जब जब कोई, हुआ पराया,
और भुलाया, नातों ने,
तब तब, तेरे साथ है पाया,
और हाथ तेरा, इन हाथो में...
नहीं है कोई, शिकवा गिला अब,
इन दोनों, कायनातों से,
जब साथ है तू, और साथ है मेरे,
उठती दुआएं, तेरे हाथों से..
too good :)
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