Pages

Wednesday, April 28, 2021

छोटी सी बात

टूटने लगे जब भरोसा,
प्रभु से तुम्हारा,
समझ लेना, नही अटल,
निश्चय है तुम्हारा। 

वो तो करता,
निष्काम कर्म है हरदम।
स्वार्थ ने बस छीन लिया,
विश्वास है तुम्हारा। 


शेर ओ शायरी

बुरे वक्त के आने से, 
पहचान नयी हम पाते हैं। 
बिखर गए तो कंकर,
निखर गए तो हीरे कहलाते हैं। 

Saturday, April 24, 2021

जरा सोच के

इमारते कामयाबियों की, जरूर बनाना साथियों, 

ध्यान रहे  बस इतना, कोई आह न निकल जाए। 

Thursday, April 22, 2021

कोरोना से डर कैसा?

 

कोरोना का प्रभाव है,  

वो बस इतना सा होगा। 

या तो इससे बचे रहेंगे,  

या फिर कोरोना होगा।  

 

बचे रहे तो डर नहीं,  

और होने पर ये होगा,  

या तो हम जी जाएंगे

या फिर मरना होगा।   

 

जी गए तो कोई डर नहीं,  

मरने पर ये होगा।  

या तो भव तर जाएंगे

पुनर्जन्म या फिर होगा।  

 

भव तर गए तो डर नहीं,  

पुनर्जन्म पर ये होगा।  

या तो मनुष्य बनेगे फिर से,  

कुछ और या बनना होगा।  

 

कुछ और बने तो डर नहीं,  

मनुष्य बने तो ये होगा,  

या तो कोरोना खत्म होगा,  

या फिर से ये होगा।  

 

खत्म हुआ तो डर नहीं,  

हुआ तो फिर ये होगा।  

या तो बात समझ जाओगे,  

ऊपर से या फिर पढ़ना होगा।