Pages

Tuesday, May 13, 2014

तलाश...

तेरी धड़कनों से जुड़ी, मेरी हर साँस है,
तू है तो ये ज़िंदगी, भी कुछ खास है,
असर है तेरी चाहतों का, कुछ इस तरह,
हर चेहरे मे, मुझे सिर्फ तेरी "तलाश" है



teri dhadkano se judi, meri har saans hai
tu hai to ye zindagi, bhi kuchh khas hai,
asar hai teri chahaton ka, kucch is tarah,
har chehre me, mujhe sirf teri “talaash” hai 



Monday, May 12, 2014

वफ़ा....

अब यकीं नहीं होता, उनकी वफाओं का,
खुदगर्जियों को, नाम-ए-वफा देते हैं वो!

Ab yakeen nahi hota, unki wafaon ka, 

khudgarziyon ko naam-e-wafa dete hain wo !

Thursday, April 24, 2014

कश्मकश...


दर्द करे 
बयाँ अपना, कैसे कोई शायर?
दाद देते हैं सभी, उसके हर अंदाज़े बयाँ पर!

Sunday, April 13, 2014

अंजान...

याद करके, उन्हे भूल जाना, हमे नहीं आता
खुद रोते हैं मगर उनको रुलाना, हमे नहीं आता।

कैसे रहें खुश हम ?, अपनी खुशियों की खातिर,
ऐसे जश्नो को मनाना, हमे नहीं आता।

अहसानो तले उनके, तमाम उम्र बिता दी,
क्यूंकि अहसानो को जाताना, हमे नहीं आता ।

रूठे रहे वो मुझसे, तमाम उम्र मेरे यार,
क्यूंकि रूठों को मनाना, हमे नहीं आता।

यादों और ख़ाबों मे भी, सताते हैं वो,
मगर उनके ख़ाबों मे आना, हमे नहीं आता।

सोचता हूँ, रुसवा कर दूँ उन्हे इस जहां मे,
मगर दर्द को बताना, हमे नहीं आता।

बैठा हूँ अब भी, उन्ही के इंतज़ार मे,
क्यूंकि यूं ही हार जाना, हमे नहीं आता।