जब ग़म की तलाश है,
तो खुशी मिले कहाँ से!
जब रोने की तलाश है,
तो हँसी मिले कहाँ से!
जब गिरने की तलाश है,
तो कोई सम्हले कहाँ से!
जब रूठने की तलाश है,
तो कोई बहले कहाँ से!
जब काँटों की तलाश है,
तो मिले फूल कहाँ से !
जब सहेजने की तलाश है,
तो भूल मिले कहाँ से !
जब पतझर की तलाश है,
तो बाहर मिले कहाँ से!
जब नफरत की तलाश है!
तो प्यार मिले कहाँ से !
जब नास्तिकी की तलाश है,
तो बंदगी मिले कहाँ से !
जब मौत की तलाश है,
तो ज़िंदगी मिले कहाँ से !
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