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Sunday, August 4, 2019

वो दोस्त बहुत याद आते हैं


जब पास हों तो,
        आकर सता जाते हैं,
जब दूर हो जाएँ तो,
        रुला जाते हैं,
वो दोस्त बहुत याद आते हैं।

सुनते हैं मेरे दिल की बातें,
        अपनी भी सुना जाते हैं,
अकेलेपन को भगाने,
        उठकर चले आते हैं,
वो दोस्त बहुत याद आते हैं।

रूठ जाऊँ अगर कभी तो,
        मनाने चले आते हैं,
आँसू जो छलके कभी,
        पोंछने दौड़े आते हैं।
वो दोस्त बहुत याद आते हैं।

पहले प्यार की बातों को
        शर्माकर बताते हैं,
टूटे हुए दिल को लेकर,
        रोने चले आते हैं।
वो दोस्त बहुत याद आते हैं।

सुबह की गहरी नींद को,
        पानी डालकर भगाते हैं,
नींद न आए अगर रात मे,
        बोर करने चले आते हैं,
वो दोस्त बहुत याद आते हैं।

बर्थड़े हो या,
        कोई हंसी शाम हो,
हर महफ़िल को,
        रंगीन बनाते हैं,
वो दोस्त बहुत याद आते हैं।

जब बात हो,
        मरने या मारने की,
सबसे पहले,
        साथ आ जाते हैं,
वो दोस्त बहुत याद आते हैं।

झगड़ा हो स्कूल का,
        अपना फर्ज़ निभाते हैं,
पीटते हैं साथ मिलकर,
        कभी खुद पिटकर आ जाते हैं,
वो दोस्त बहुत याद आते हैं।


फ्रिज से ठंडी,
        पानी की बोतल,
छुप छुप कर,
        दोस्तों को पिलाते हैं,
वो दोस्त बहुत याद आते हैं।

सोचता हूँ कभी भी,
        उनके बारे मे,
आँखों को मेरी,
        नम कर जाते हैं।

वो दोस्त “आज” भी याद बहुत आते हैं।

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