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Sunday, March 23, 2014

करम...


इतना सा करम मुझपे, तू कर मेरे खुदा,
या तो ज़िन्दगी दे, या ज़िन्दगी से दे बचा !

itna sa karam mujhpe, tu kar mere khuda,
ya to zindagi de, ya zindagi se de bacha!

That's all the blessing from You, my God; 
either give me life or take it away!

Monday, March 17, 2014

सुबह....


ये सोच न गुजरे कभी, मायूसियत के करीब से,
दिन ढलना होता है, आगाज़ नई सुबह का.. 

ye soch na gujare kabhi, mayusiyat ke kareeb se,
din dhalna hota hai, aagaz nai subah ka..


Never got closed to nervousness, b'coz,
A new day comes only after dark would grow!  

Tuesday, March 11, 2014

तकदीर....


ढूँढता रह गया तुझे, मैं हाथों की लकीरों में,
कोई पाके तुझे बना गया, लकीर अपने हाथों की.... 

dhundhta reh gaya tujhe, main haathon ki lakeeron me,
koi paake tujhe bana gaya, lakeer apne haath ki...

hoping, the luck would grace me with you, 
his efforts have made you his luck.... 

Saturday, March 8, 2014

पर्दानशीं...


सदियों से रातों में, यूँ ही मुस्कुरा रहा था,
ख़ूबसूरती पे अपनी, इतरा रहा था,
माना की दाग थे, मेरे इस रूप में,
मिसाल ख़ूबसूरती की, फिर भी पा रहा था...

घटने बढ़ने की, अदायें दिखा रहा था,
लाता कभी “ईद”, कभी “पूनम” बन जा रहा था,
बनके रूप यौवन का, ज़माने को दिखा रहा था,
और “घूंघट” में दुल्हन भी, बन जा रहा था,  

मगर ए खुदा, मुझे इतना दे बता,
हो गई मुझसे, क्या ऐसी खता ?
काली घटाओं में, मुझे छुपा दिया,
उस पर्दानशीं की शक्ल में,
एक और चाँद, जमीं पे ला दिया !

दुआ....


तू जिधर देखे,
वो मंज़र गुलशन बन जाए,
हर कदम तेरा,
सपनों की मंजिल बन जाए,
आज है बस इतनी सी दुआ,
तुझे इस जहाँ की हर ख़ुशी मिल जाए

Monday, March 3, 2014

गुरुवर...


हैं परम श्रद्धेय, ये "गुरुवर",
हम जिनको, शीष नवाते हैं
मंजिल पर पहुंचाकर हमको,
खुद ज्योति स्तम्भ बन जाते है।

Saturday, March 1, 2014

शुक्रिया...


बनके धूल उड़ रही थीआवारा से झोंकों के साथ,
झुकते हैं लाखों अब दर पे मेरेएक तेरे छूने के बाद....