सीमाओं की करते,
हरदम रखवाली (थल सेना),
भी आसमान में,
इनकी शान निराली (वायु सेना),
लहरों की खातिर, जो खेलें,
बाजी अपनी जान की (जल सेना),
है, वीरों की मतवाली टोली,
ये सेना हिंदुस्तान की....
कोई न हिन्दू- मुस्लिम इसमें,
कोई न सिख, ईसाई है,
इसके वीर जवानों ने, कसमें,
“राष्ट्र-धर्म” की खायीं हैं,
धर्म समझकर रक्षा करते,
मातृभूमि की शान की,
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना....
जब ये जागें रात- रात भर,
तब चैन से, हम सो पाते हैं,
हो हिम की ठिठुरन, या जलन रेत की,
ये कभी नहीं घबराते हैं,
हों कैसे भी हालात, ये करते,
परवाह हमारी, जान की,
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना....
सुख को भूले, दुःख को भूले,
और भुलाया, रिश्ते नातों को,
रोना भूले, हँसना भूले,
और भुलाया, जज्बातों को,
देश प्रेम का फर्ज निभाते,
फिकर नहीं, निज अरमान की,
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना....
वक़्त पड़े तो, देश की खातिर,
नभ, धर, जल के रण में जाते,
इनके ताक़त, शोर्य के आगे,
दुश्मन थर थर थर्राते है,
कर गये छल्ली, दुश्मन का सीना,
आहुति या फिर, दे दी अपने प्राण की,
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना....
आओ मिलके सब साथ में आयें,
हम भी अपना फ़र्ज़ निभायें,
वीर जवानों की शहादतें,
हम में से, कोई भूल ना पायें,
जब लहराये “तिरंगा”, गगनो में,
हों यादें दिल में, बलिदान की,
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना हिंदुस्तान की....
जय हिन्द...
Very well written!!!! Jai Hind..
ReplyDeleteThanks for appreciation :) Jai Hind...
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