आज जो चेहरे खिले हुए हैं,
सारे दिल जो मिले हुए हैं।
आज जो रौनक सी छाई है,
रंगत बन कर घर आई है।
आज जो रिश्ते झूम रहे हैं,
और मचा सी जो धूम रहे है।
आज जो खुशियां झलक रहीं है,
और आँखों से जो छलक रही हैं।
आज जो सारे दुःख भूल रहे है,
और गर्व से सीने फूल रहे हैं।
आज जो बधाइयाँ आ रही है,
सफल होकर वो तुम्हें पा रही है।
आज जो क्षण (अनमोल), ये तुम लाई
हो,
हर दिल कहे, "तनिष्का" बहुत बधाई हो।

