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Tuesday, November 28, 2017

दौड़ ....




दौड़ मतलब,
कुछ पाने की चाहत ।
दौड़ मतलब,
कुछ करने की हिम्मत।

दौड़ मतलब,
आत्मविश्वास।
दौड़ मतलब,
मनोबल।

दौड़ मतलब,
आगे बढ़ने की होड़।
दौड़ मतलब,
एक चुनौती।

दौड़ मतलब,
मन का साथ।
दौड़ मतलब,

जुनून की बात। 

Tuesday, May 30, 2017

प्रतिमा


किस बात की जल्दी है तुमको?
कुछ देर सही, पर ठहरो ज़रा।
करनी है कई बातें मुझे,
थक सा गया हूँ यूं खड़ा खड़ा।

मैंने तो नहीं मांगा था,
ये सम्मान जिसे तुम कहते हो।
मेरे आदर्शों को जब तुम,
ताक पे हर दम रखते हो।  

चंद रुपयों मे अक्सर, नियमो का,
सौदा होते देखता हूँ,
लोगों की इस भीड़ मे,
स्वार्थ को देखता हूँ।

कचरा कोई फेंकता है,
तो कोई थूकता सड़कों पर,
कैसे मैं खड़ा रहूँ जब,
कोई रोंदता हैं इन सड़कों पर।

हद हो जाती है, सब्र की मेरे,
नाक के नीचे, रिश्वत कोई लेता है,
लाचारी मे फिर जब, कोई  
तंत्र को ताने देता है।

रहता हूँ इन सड़कों पर, मुझे
इन्हे ही अपना घर समझने दो।
जैसे रखते हो स्वच्छ तुम घर को,
स्वच्छ इन्हे भी रहने दो।

नहीं मांगता रोज़ मैं तुमसे,
पुष्पों और पत्तों की माला,
जब भी गुजरो एक नज़र बस,
आदर से ही देख लिया करो।

हूँ अगर आदर्श तुम्हारा,
राह पे मेरी चला करो,
सड़कों पर तो बैठा दिया है,
दिल मे भी कभी रख लिया करो।

जानता हूँ, एक पत्थर हूँ मैं,
नहीं कहीं चल सकता हूँ मैं।
चल लिए गर, दो कदम भीआदर्शों पर मेरे,
इस दुनिया की तस्वीर बादल सकता हूँ मैं। 

Tuesday, February 28, 2017

वो...

(वो... जो निभाती है कई किरदार हमारे जीवन मे। उसी के कुछ किरदारों को समर्पित एक छोटी सी रचना!) 

हाथों को रखा उसने,
जब सर पर मेरे,
स्वर्ग बन गया वो,
जो अब तक एक जहान था।

कदमों ने उसके छुआ,
जब आँगन को मेरे,
घर बन गया वो,
जो अब तक मकान था।

प्रेरणा जो दी उसने,
हौसलों को मेरे,
हकीकत बन गया वो,
जो अब तक एक अरमान था।

और, चलने लगी,
जब संग वो मेरे,
मंज़िल बन गया वो,
जो अब तक एक मुक़ाम था।