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Thursday, February 27, 2014

अजनबी... (THE STRANGER)


अपना ही साया पूछता है, अब मेरा नाम और पता,
हो गए हैं कुछ इस तरह, अजनबीहम तेरे बगैर...

Wednesday, February 26, 2014

तेरी गलियाँ....


ठोकर न कोई लग जाए, यादों की उन, कब्रों को,
रखते नहीं हम कदम, ये सोच तेरी गलियों में...  

Monday, February 24, 2014

रिवाज़... (THE CUSTOM)


तू ही बता कैसे दे दूँ ?, तुझे अपना ये दिल, 
टूटे दिलों का देना, रिवाज़ नहीं मोहब्बत का.......

Sunday, February 16, 2014

दर्द... (THE SORROW)


आदत सी, दर्द सहने की, हो गई है कुछ इस तरह, 
अपने ही ज़ख्मों को यारों, हम खुद कुरेदते रहते हैं....

Saturday, February 15, 2014

तू... (YOU)


चल रही थी तेरे साथ, कायनात, ये मेरे संग, 
न साथ हैं तेरे वगैर, खुद मेरे अपने कदम.... 


Tuesday, February 11, 2014

हौसला... (THE DETERMINATION)


आसमां भी सिमट जाते हैं, इन नन्ही मुठ्ठियों में, 
ईमानदारी जो ग़र तेरे, बुलंद हौसलों में हो.....

Sunday, February 9, 2014

शुक्रिया बेवफ़ाई...


देने चले थे जान, हम तो तेरे प्यार में, 
बचा लिया हमें मगर, कमबख्त तेरी बेवफ़ाई ने.....

ज़िद...(THE OBSTINACY)


तूफानों से कहदे कोई, न गुजरे हमारी गलियों से,
वजूद खो चुके हैं बवंडर कई, हमारी जिद के आगे.... 

Friday, February 7, 2014

तन्हाई... (THE LONELINESS)


न जिक्र करो हमसे, तुम अपनी महफिलों का,
आलम तन्हाई का, बयाँ करती है आँखें तेरी.....

उम्मीद... (THE HOPE)


बेसबब, भटकते नहीं हम, इन तनहा गलियों में,
उम्मीद है तेरे मिलने की, किसी तनहा मोड़ पे... 

Thursday, February 6, 2014

गुनहगार...



कोई उम्मीद न करे, इन्साफ की यहाँ, 

फरियादी के सिवा, यहाँ सब "गुनहगार" है....

इंतज़ार....


इक मुलाकात की, आस लगाये बैठे हैं,
आपकी याद में, हम खुदको भुलाये बैठे हैं...

यूँ तो हर कोई, यादों में बसाये बैठे है हमें,
एक आप हैं, जो हमें कबसे भुलाये बैठें हैं...

यूँ तो करता नहीं कोई, हमसे कभी गिला,
एक आप हैं, जो हजार शिकवे लगाये बैठे हैं...

यूँ तो गुजरते हैं सभी, इन राहों से,
एक आप हैं जो, नई राह बना बैठे हैं....

यूँ तो हर फरियादी को, देता है सब खुदा,
एक हम है जो, कबसे हाथ फैलाये बैठे हैं..... 

जीना...


"जीना" था उनके लिए, जिनकी "मैं" जान था, 

ये सोच, न दी जान हमने, बेवफ़ा तेरे प्यार में..... 

Sunday, February 2, 2014

सेना हिंदुस्तान की.....


सीमाओं की करते,
हरदम रखवाली (थल सेना),
भी आसमान में,
इनकी शान निराली (वायु सेना),
लहरों की खातिर, जो खेलें,
बाजी अपनी जान की (जल सेना),
है, वीरों की मतवाली टोली,
ये सेना हिंदुस्तान की....

कोई न हिन्दू- मुस्लिम इसमें,
कोई न सिख, ईसाई है,
इसके वीर जवानों ने, कसमें,
राष्ट्र-धर्म की खायीं हैं,
धर्म समझकर रक्षा करते,
मातृभूमि की शान की,
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना....

जब ये जागें रात- रात भर,
तब चैन से, हम सो पाते हैं,
हो हिम की ठिठुरन, या जलन रेत की,
ये कभी नहीं घबराते हैं,
हों कैसे भी हालात, ये करते,
परवाह हमारी, जान की,
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना....


सुख को भूले, दुःख को भूले,
और भुलाया, रिश्ते नातों को,
रोना भूले, हँसना भूले,
और भुलाया, जज्बातों को,
देश प्रेम का फर्ज निभाते,
फिकर नहीं, निज अरमान की,
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना....


वक़्त पड़े तो, देश की खातिर,
नभ, धर, जल के रण में जाते,
इनके ताक़त, शोर्य के आगे,
दुश्मन थर थर थर्राते है,
कर गये छल्ली, दुश्मन का सीना,
आहुति या फिर, दे दी अपने प्राण की,
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना....

आओ मिलके सब साथ में आयें,
हम भी अपना फ़र्ज़ निभायें,
वीर जवानों की शहादतें,
हम में से, कोई भूल ना पायें,
जब लहराये तिरंगा”,  गगनो में,
हों यादें दिल में, बलिदान की,   
है, वीरों की मतवाली टोली, ये सेना हिंदुस्तान की....

जय हिन्द...