गुनगुनाती कलम
अल्फ़ाज़ों में बयां होते हैं, कभी खुशी तो कभी ग़म, इन्हें रचनाओं में पिरोती, मेरी "गुनगुनाती कलम"
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Sunday, January 13, 2013
ग़लतियाँ.... (MISTAKES)
ये माना कि ग़लतियाँ, कुछ सबक हैं सिखातीं,
सिर्फ सबक के लिए मगर, ग़लतियाँ की नहीं जातीं,
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